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6 पहेलियाँ
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अंधकार
मैं तुम्हें हर जगह फॉलो करता हूँ, लेकिन मेरे पैर नहीं हैं। रोशनी जाते ही मैं भी गायब। हूँ क्या?
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परछाई
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धूप
जब तुम रोशनी की तरफ मुंह करके खड़े होते हो, मैं हमेशा तुम्हारे पीछे होता हूँ। बताओ क्या?
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उत्तर
परछाई
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दर्पण
जितना तेज़ दौड़ोगे, उतना ही मैं पीछा करूंगा। मैं तुम्हारी नकल तो करूं, पर ज़मीन को छू ना सकूं। बताओ?
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उत्तर
प्रतिबिंब (पानी/दर्पण में)
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लंबाई
मेरे पैर नहीं, फिर भी साथ चलूं। दोपहर को गायब, शाम को लंबा हो जाऊं। बताओ?
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परछाई
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रोशनी
पकड़ सकते हो मुझे, पर थाम नहीं सकते। रोशनी में साथ हूँ, अंधेरे में अकेला छोड़ जाता हूँ। क्या हूँ?
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परछाई
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खामोश
बिना आवाज़ के पीछा करूं, हर हरकत की नकल करूं, पर अपनी कोई जान नहीं। क्या हूँ?
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परछाई
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प्रगति
निपुणता
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How To
जवाब देखने के लिए कार्ड पर टैप करें। क्या आप बिना देखे सभी को हल कर सकते हैं?
सभी उत्तर जानने के लिए प्रत्येक कार्ड को पलटें!
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क्या आप जानते हैं?
परछाई तब बनती है जब कोई वस्तु रोशनी को रोकती है। रोशनी जितनी तेज, परछाई का किनारा उतना ही साफ।
चांद पर परछाई बहुत गहरी होती है क्योंकि वहां वातावरण नहीं है जो रोशनी बिखेर सके।
सुबह-शाम परछाई सबसे लंबी और दोपहर में सबसे छोटी होती है।
आपकी परछाई दरअसल आपका एक सिल्हूट होता है, जो रोशनी के कोण और दूरी से मुड़ जाता है।
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